यूपी में कुर्मी समाज पर बढ़ते हमलों को लेकर आक्रोश, सत्ता में बैठे समाज के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
उत्तर प्रदेश में कुर्मी समाज के लोगों के साथ हो रही कथित हिंसक घटनाओं, पुलिस कार्रवाई और उत्पीड़न को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अमरेन्द्र सिंह बाहुबली ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में समाज के लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कुर्मी समाज के वोटों से सांसद, विधायक और मंत्री बने नेता मौन साधे हुए हैं।
अमरेन्द्र सिंह बाहुबली ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से हत्या, हमले, घर में घुसकर मारपीट और कथित रूप से झूठे मुकदमों में फंसाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि जब सामाजिक संगठन पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाते हैं, तो कई बार पुलिस और प्रशासन उनकी राह में बाधा बन जाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनाव से पहले राजनीतिक दल कुर्मी समाज को अपना मजबूत समर्थक बताते हैं, लेकिन सत्ता प्राप्त होने के बाद समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अधिकांश जनप्रतिनिधि खुलकर बोलने से बचते हैं।
कुर्मी जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
अमरेन्द्र सिंह बाहुबली ने कुर्मी समाज से आने वाले सांसदों, विधायकों और मंत्रियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज के समर्थन से राजनीतिक पद हासिल करने वाले नेताओं को संकट के समय पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जब एक-एक कर कुर्मी समाज के युवाओं की हत्या और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं, तब समाज के अपने नेता कहां हैं? क्या जाति के नाम पर वोट लेना और सत्ता में पहुंचने के बाद चुप रहना ही राजनीति रह गई है?”
उनका कहना है कि नेताओं की चुप्पी से समाज में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधियों के लिए समाज के हितों से अधिक सत्ता और पद महत्वपूर्ण हो गए हैं।
प्रशासन पर आवाज दबाने का आरोप
अमरेन्द्र सिंह बाहुबली ने प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय पीड़ित पक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उन्होंने मांग की कि कुर्मी समाज से जुड़े सभी कथित उत्पीड़न और हिंसा के मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवारों को सुरक्षा, न्याय एवं आर्थिक सहायता दी जाए।
‘अब समाज चुप नहीं रहेगा’
अमरेन्द्र सिंह बाहुबली ने कहा कि समाज अब यह पहचान रहा है कि संकट की घड़ी में कौन उसके साथ खड़ा है और कौन केवल चुनाव के समय समर्थन मांगता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज से जुड़े मामलों में जनप्रतिनिधियों और सरकार की चुप्पी जारी रही, तो आने वाले समय में इसका राजनीतिक जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “अब सवाल केवल कुर्सी से नहीं, बल्कि नेताओं के जमीर से पूछा जाएगा। आखिर कितनी घटनाओं और कितने परिवारों के उजड़ने के बाद वे अपनी चुप्पी तोड़ेंगे?”
अमरेन्द्र सिंह बाहुबली ने कुर्मी समाज से संगठित होकर संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज किसी भी प्रकार के अन्याय, हिंसा या उत्पीड़न के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेगा।
( Kurmi World के प्रतिनिधि से हुई बातचीत और क्षेत्रीय राजनीतिक चर्चा के आधार पर खबर )
