फर्जी मुकदमे वापस नहीं हुए तो सड़कों पर उतरेगा जनसैलाब, 4 जनवरी को महाआंदोलन का ऐलान
आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में किसान संगठनों-राजनीतिक दलों का अल्टीमेटम, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
थाना तारुन एवं हैदरगंज में न्याय की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमों की वापसी को लेकर जिले का सियासी-किसान मोर्चा पूरी तरह गरमा गया है। विभिन्न किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और अधिवक्ताओं ने आयुक्त, आईजी, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या को ज्ञापन सौंपते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि मुकदमे वापस नहीं हुए तो जिले में महाआंदोलन छेड़ा जाएगा।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि थाना तारुन में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 275/25 (धारा 132, 189(2), 352 बीएनएस एवं धारा 7 आपराधिक कानून अधिनियम) तथा थाना हैदरगंज में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 163/25 (धारा 132, 189(2), 352 बीएनएस एवं धारा 7 आपराधिक कानून अधिनियम) को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। इसके साथ ही जनपद में स्थानांतरण पर चल रहे पुलिसकर्मियों को भी तुरंत कार्यमुक्त करने की मांग उठाई गई।

इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा, संयुक्त किसान मोर्चा जिला संयोजक मयाराम वर्मा, अपना दल बलिहारी के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मराज पटेल, राष्ट्रीय लोकदल नेता राम शंकर वर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र प्रसाद, समाजवादी पार्टी नेता विजय बहादुर वर्मा, भाकियू युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष विकास वर्मा, विवेक पटेल, भागीरथी वर्मा, संदीप पाल, पूर्व मंत्री बार एसोसिएशन कृष्ण कुमार पटेल, देवी प्रसाद यादव, आशीष पटेल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नेता अशोक तिवारी, जगन्नाथ पाल, कांग्रेस पार्टी नेता अजीत वर्मा, बसपा नेता रोशन लाल त्यागी, सुरजीत वर्मा, नितेश वर्मा, दिशा पटेल सहित दर्जनों किसान नेता, राजनीतिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता शामिल रहे।
ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट श्री राजेश मिश्रा जी, आयुक्त प्रतिनिधि अपर आयुक्त प्रशासन श्री अजयकांत सैनी जी, पुलिस महानिरीक्षक के PRO, तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रतिनिधि पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री बलवंत चौधरी जी को सौंपा गया।
इस मौके पर भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव श्री घनश्याम वर्मा जी ने कहा कि “शांतिपूर्ण ढंग से थाने में बैठकर न्याय मांगना अपराध नहीं है। यदि आंदोलनकारियों पर दबाव बनाने के लिए फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए तो किसान और आमजन सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।”
वहीं राष्ट्रीय लोकदल नेता श्री राम शंकर वर्मा जी ने कहा कि “मुकदमा अपराध संख्या 269/25, थाना तारुन में वांछित कई आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिनकी तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।”

संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक श्री मयाराम वर्मा जी ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि “घायल शिवकुमार वर्मा की जान-माल को खतरा बना हुआ है, ऐसे में उन्हें अविलंब शस्त्र लाइसेंस दिया जाए।”
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष विवेचना की जाएगी और किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने शिवकुमार वर्मा को शीघ्र शस्त्र लाइसेंस दिलाने का भरोसा भी दिलाया।
हालांकि नेताओं और अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 3 जनवरी 2026 तक फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो 4 जनवरी 2026 को गांधी पार्क, अयोध्या में गांधी प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया जाएगा और आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय की जाएगी। सभी किसान साथियों एवं आंदोलनकारियों से अपील की गई है कि वे इस धरने में बढ़-चढ़कर भाग लें।
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