पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का निधन, 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

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72 वर्षों तक निभाया जीवनसाथी का साथ, राजनीति से दूर रहकर भी देवेगौड़ा के लंबे राजनीतिक सफर की बनीं मजबूत आधार

हासन। पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा (89) के निधन से होलेनरसीपुर तालुक के मुट्टेगेहिरेहल्ली गांव में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, राजनीतिक नेताओं और क्षेत्रवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया।

चेन्नम्मा एक संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती थीं, जिसकी जड़ें राजपरिवार से जुड़ी बताई जाती हैं। उनके नाना पटेल सुब्बेगौड़ा का जन्म और पालन-पोषण इसी तालुक के हरदनहल्ली में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। परिवार के सदस्यों के अनुसार, पटेल सुब्बेगौड़ा बेहद संपन्न होने के साथ-साथ प्रसिद्ध समाजसेवी भी थे। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई बच्चों की शिक्षा में मदद की थी। बताया जाता है कि एचडी देवेगौड़ा की पढ़ाई में भी उनका महत्वपूर्ण सहयोग रहा था।

1937 में हुआ था चेन्नम्मा का जन्म

चेन्नम्मा का जन्म वर्ष 1937 में पटेल देवेगौड़ा और कलम्मा के घर हुआ था। कलम्मा, पटेल देवेगौड़ा की तीसरी पत्नी थीं। चेन्नम्मा ने शुरुआती पढ़ाई मुट्टेगेहिरेहल्ली में की। उन्होंने चौथी कक्षा तक वहीं शिक्षा प्राप्त की, जबकि पांचवीं से सातवीं तक की पढ़ाई होलेनरसीपुर तालुक के हालेकोटे में पूरी की। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई छोड़ दी।

स्कूल की छुट्टियों के दौरान चेन्नम्मा अक्सर हरदनहल्ली स्थित अपने नाना के घर जाया करती थीं। इसी दौरान एचडी देवेगौड़ा की मां लक्ष्मम्मा उनके सरल स्वभाव, संस्कार और बड़ों के प्रति सम्मान से काफी प्रभावित हुईं। उन्होंने चेन्नम्मा को अपनी बहू बनाने का निर्णय लिया।

इसके बाद 25 मई 1954 को चेन्नम्मा और एचडी देवेगौड़ा का विवाह हुआ। दोनों ने करीब 72 वर्षों तक एक-दूसरे का साथ निभाया।

राजनीति से रहीं दूर, लेकिन हर कदम पर दिया पति का साथ

चेन्नम्मा स्वयं कभी सक्रिय राजनीति में नहीं आईं, लेकिन एचडी देवेगौड़ा के लंबे राजनीतिक सफर में वह हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। परिवार के लोगों के अनुसार, उन्होंने हर परिस्थिति में देवेगौड़ा का साथ दिया और उनके राजनीतिक तथा सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चेन्नम्मा धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए हमेशा आगे रहती थीं। रिश्तेदारों और मित्रों से उनके गहरे संबंध थे और वह पारिवारिक मूल्यों को विशेष महत्व देती थीं।

देवेगौड़ा के राजनीतिक सफर में अनेक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन चेन्नम्मा ने हमेशा उनका मनोबल बनाए रखा। आखिरकार एचडी देवेगौड़ा देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पदों में से एक प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे।

2001 में एसिड हमले में हुई थीं गंभीर रूप से घायल

चेन्नम्मा के जीवन में एक दर्दनाक घटना 21 फरवरी 2001 को हुई थी। पारिवारिक विवाद के दौरान शिवरात्रि के अवसर पर जब वह पूजा-अर्चना के लिए पारिवारिक मंदिर गई थीं, तब उन पर एसिड से हमला किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनकी बहू भवानी रेवन्ना भी इस घटना में घायल हुई थीं। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया था।

हरदनहल्ली में अंतिम संस्कार की संभावना

चेन्नम्मा का अंतिम संस्कार सोमवार को हरदनहल्ली स्थित नारियल के बागान में किए जाने की संभावना है। यह स्थान रंगनाथस्वामी मंदिर के पास स्थित है। इसी स्थान पर एचडी देवेगौड़ा की मां का भी अंतिम संस्कार किया गया था।

चेन्नम्मा के निधन पर हासन के सांसद श्रेयस पटेल, विधायक स्वरूप प्रकाश, सीएन बालकृष्ण, . मंजू, सीमेंट मंजू, एचके सुरेश और केएम शिवलिंगेगौड़ा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त किया है।

इसके अलावा पूर्व विधायक, एचएम विश्वनाथ तथा कांग्रेस नेता एचपी मोहन सहित कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी चेन्नम्मा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की है