UP में दिल दहला देने वाली घटना, ड्यूटी के दौरान पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की चाकू मारकर हत्या

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पीलीभीत के जिला अस्पताल में पैरामेडिकल छात्र ने सहपाठी छात्रा पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी ने उस पर ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे गंभीर रूप से घायल छात्रा की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना से राजकीय मेडिकल कॉलेज में आक्रोश फैल गया। छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए।

पीलीभीत के राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मंगलवार सुबह एक पैरामेडिकल छात्रा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। सहपाठी छात्र सागर सिंह ने छात्रा कशिश पटेल पर ताबड़तोड़ हमला किया। बचाने आई एक महिला कर्मचारी भी इस हमले में घायल हो गईं। गंभीर रूप से घायल छात्रा को बरेली रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। यह घटना जिला अस्पताल परिसर स्थित सीटी स्कैन रूम में हुई। हमले के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों तीमारदारों में दहशत फैल गई। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में पैरामेडिकल छात्राएं धरने पर बैठ गईं। पुलिस ने आरोपी छात्र सागर सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया है।

कौन थी कशिश पटेल?सीटी स्कैन रूम में हुई वारदात

दरअसल, बरेली की रहने वाली कशिश पटेल पैरामेडिकल डिप्लोमा (सीटी स्कैन) कोर्स कर रही थी। जिला अस्पताल के सीटी स्कैन रूम में कशिश पटेल ड्यूटी तैनात थी। उसी वक्त, कानपुर निवासी उसका क्लासमेट सागर वहां पहुंचा। कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही सागर ने अचानक चाकू से हमला बोल दिया। सीटी स्कैन रूम में ही कशिश पटले लहूलुहान हो गई। चाकू से छात्रा की गर्दन पर कई वार किए। इस हमले में बीच-बचाव करने वाली नर्स निधि सहगल भी घायल हो गई। आनन-फानन में छात्रा को बरेली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

Paramedical student murdered at Pilibhit District Hospital

घटना के बाद इमरजेंसी के बाहर जुटे लोग 

उपचार के दौरान छात्रा की मौत

गंभीर रूप से घायल कशिश पटेल को तत्काल बरेली रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस ने इमरजेंसी से एंबुलेंस तक सुरक्षा घेरा बनाया। लोगों को घटना की तस्वीरें और वीडियो बनाने से रोका गया। बरेली के अस्पताल में उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो गई। इस घटना के बाद से मेडिकल कॉलेज परिसर में पैरामेडिकल छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गईं।

कर्मचारियों ने आरोपी को दबोचा

घटना के बाद शोर-शराबा सुनकर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी सागर सिंह को घेरकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी जुटाई।

प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि उससे पूछताछ की जा रही है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

Paramedical student murdered at Pilibhit District Hospital

घायल छात्रा को लेकर जाते कर्मचारी 

पिता बोले - हमें नहीं पता हत्यारे ने क्यों की बेटी की हत्या

छात्रा कशिश का बरेली में पोस्टमॉर्टम कराया गया है। घटना के बाद परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मृतका के पिता रोहिदास पटेल भुता थाने के गांव केसरपुर के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी कशिश पटेल एक वर्ष से पीलीभीत के मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग का कोर्स कर रही थी और हॉस्टल में रहती थी। बताया कि उन्हें घटना की सही वजह नहीं पता लेकिन ये बताया गया कि उसका वहां एक युवक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी विवाद के चलते मंगलवार सुबह करीब आठ बजे युवक ने कशिश पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

क्या कहती है पुलिस? मौत की धारा हत्या में बदली

पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपी सागर (24), जो कानपुर का रहने वाला है और पैरामेडिकल का ही छात्र है, को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच के मुताबिक, यह हमला कथित एकतरफा प्यार से जुड़े विवाद का नतीजा लगता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हमला पहले से सोच-समझकर किया गया था।

सर्कल ऑफिसर (सिटी) अमरनाथ वर्मा ने कहा कि शुरू में हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन छात्रा की मौत के बाद इसे हत्या के मामले में बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराध के पीछे की वजह समेत सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

Paramedical student murdered at Pilibhit District Hospital

छात्रा कशिश के पिता

कॉलेज में हाई अलर्ट, तीन सदस्यीय कमेटी गठित

मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि घटना के तुरंत बाद कॉलेज में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और घटनाओं के क्रम, सुरक्षा व्यवस्था और हमले की परिस्थितियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।