पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल का व्हाट्सएप हैक, समर्थकों से मांगे रुपये

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Raipur। डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के धरसींवा क्षेत्र में भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल का व्हाट्सएप नंबर साइबर अपराधियों द्वारा हैक किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हैकर्स ने उनके नंबर का दुरुपयोग करते हुए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, परिचितों और समर्थकों को संदेश भेजकर रुपये की मांग की।

घटना की जानकारी सामने आते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम करीब 6 बजे कई लोगों के मोबाइल पर पूर्व विधायक के नंबर से अचानक पैसे मांगने वाले संदेश आने लगे। शुरुआत में लोगों को संदेह नहीं हुआ, लेकिन जब बड़ी संख्या में इसी तरह के संदेश मिलने लगे तो कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने तत्काल इसकी जानकारी देवजी भाई पटेल को दी।

साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत

मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आम लोगों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि उनके नंबर से आने वाले किसी भी संदिग्ध संदेश या पैसों की मांग पर भरोसा न करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके नाम या नंबर का इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति ऑनलाइन भुगतान, रुपये ट्रांसफर या अन्य आर्थिक लेन-देन के लिए कहता है तो पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें।

कार्यालय प्रभारी के नंबर को भी बनाया निशाना

साइबर अपराधियों ने केवल पूर्व विधायक के व्हाट्सएप नंबर को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि उनके कार्यालय प्रभारी आदित्य शर्मा के मोबाइल नंबर का भी कथित रूप से दुरुपयोग किया।

आरोप है कि हैकर्स ने इस नंबर के माध्यम से कई लोगों को फोन कर रुपयों की मांग की। कुछ लोगों ने फोन पर अभद्र व्यवहार किए जाने की भी शिकायत की है। एक साथ दो नंबरों के दुरुपयोग की सूचना मिलने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

साइबर अपराधों पर जताई नाराजगी

मामले को लेकर देवजी भाई पटेल ने साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत बताई। उन्होंने पुलिस और साइबर विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि साइबर सेल के गठन के बावजूद कई मामलों में वास्तविक अपराधियों तक पहुंचने में देरी होती है।

उन्होंने कहा कि केवल संदिग्ध सिम या नंबर बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि साइबर ठगी के पीछे सक्रिय अपराधियों तक पहुंचकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

पूर्व विधायक ने मांग की कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से मजबूत और प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि आम लोगों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखा जा सके।

फिलहाल मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई गई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।