अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद स्थित जासपुर में निर्माणाधीन विश्व उमियाधाम मंदिर परियोजना अब सामाजिक सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में भी एक नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विश्व उमिया फाउंडेशन ने मंदिर निर्माण के साथ-साथ करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल बनाने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं तथा सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देना है।
7 देशों के 151 स्थानों पर रक्तदान शिविर, 25 हजार यूनिट से अधिक रक्त एकत्र
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर विश्व उमिया फाउंडेशन की ओर से एक विशेष अंतरराष्ट्रीय रक्तदान अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत भारत, अमेरिका सहित दुनिया के सात देशों में कुल 151 स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए गए।
संस्था के अध्यक्ष आर. पी. पटेल के मार्गदर्शन में युवा संगठन के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान के माध्यम से 25,000 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इस आयोजन को 'इंटरनेशनल मेगा ब्लड डोनेशन कैंप' के नाम से आयोजित किया गया और संस्था के अनुसार इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला।
इस अभियान के माध्यम से संस्था ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंदिर के साथ अस्पताल और हॉस्टल बनाने की भी योजना
विश्व उमिया फाउंडेशन की यह पहल केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं है। संस्था का उद्देश्य विश्व उमियाधाम को धार्मिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सामाजिक गतिविधियों के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है।
संस्था के अध्यक्ष आर. पी. पटेल ने बताया कि विश्व उमियाधाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का केंद्र होगा। इसी सोच के तहत मंदिर परिसर की व्यापक परियोजना में अस्पताल और हॉस्टल जैसी सुविधाओं को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 500 बेड का अस्पताल क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
पाटीदार समाज की संस्थाओं ने की सामूहिक पहल पर चर्चा
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर अहमदाबाद और गांधीनगर में सक्रिय 80 से अधिक पाटीदार संस्थाओं के अध्यक्षों और पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में समाज के विकास, संगठनात्मक एकजुटता और सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
इस पहल के माध्यम से समाज की विभिन्न संस्थाओं को एक मंच पर लाकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक विकास के कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।
सामाजिक सेवा के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर विश्व उमियाधाम
विश्व उमियाधाम की प्रस्तावित अस्पताल परियोजना और अंतरराष्ट्रीय रक्तदान अभियान को सामाजिक सेवा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। मंदिर निर्माण के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को जोड़ने का प्रयास समाज के व्यापक विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाता है।
यदि ये योजनाएं निर्धारित स्वरूप में पूरी होती हैं, तो विश्व उमियाधाम आने वाले समय में धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सामाजिक कल्याण का भी एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
