बिहारशरीफ। नालंदा जिले में जल्द ही पटेल छात्रावास के निर्माण की पहल शुरू होने जा रही है। इसका उद्देश्य दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से पढ़ाई के लिए बिहारशरीफ आने वाले छात्रों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। अमनौर विधायक एवं पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार उर्फ मंटू पटेल ने कहा कि यदि समाज छात्रावास के लिए जमीन उपलब्ध कराता है, तो इसके निर्माण को आगे बढ़ाया जाएगा। सीतामढ़ी, जहानाबाद और समस्तीपुर के बाद अब नालंदा में भी पटेल छात्रावास की पहल की जा रही है।
रविवार को बिहारशरीफ के टाउन हॉल में पटेल छात्रावास निर्माण संघ, नालंदा की ओर से आयोजित पंचायत प्रतिनिधि सह युवा संवाद कार्यक्रम में जिलेभर से पंचायत प्रतिनिधि, युवा और पटेल समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में छात्रावास निर्माण, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
“शिक्षा से मजबूत होता है समाज”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक मंटू पटेल ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास और एकता की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकता है।
उन्होंने नालंदा को प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की धरती बताते हुए कहा कि यहां छात्रों के लिए छात्रावास का निर्माण आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
ग्रामीण छात्रों को मिलेगी रहने की सुविधा
बिहारशरीफ में पढ़ाई के लिए नालंदा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र आते हैं। कई विद्यार्थियों को उचित और किफायती आवास नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रस्तावित पटेल छात्रावास बनने के बाद ऐसे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की व्यवस्था मिल सकेगी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इसे केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य में निवेश बताया।
मंटू पटेल ने समाज से की एकजुट होकर सहयोग की अपील
विधायक कृष्ण कुमार उर्फ मंटू पटेल ने पटेल समाज के लोगों से छात्रावास निर्माण के लिए सामूहिक रूप से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़ी सामाजिक योजनाएं तभी सफल होती हैं, जब समाज के लोग एकजुट होकर उनमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रावास के निर्माण से युवाओं को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को भी फायदा होगा।
सीतामढ़ी, जहानाबाद और समस्तीपुर के बाद नालंदा की बारी
कार्यक्रम में बताया गया कि पटेल छात्रावास निर्माण की पहल इससे पहले सीतामढ़ी, जहानाबाद और समस्तीपुर में भी की जा चुकी है। अब इसी कड़ी में नालंदा को जोड़ा जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के छात्रावास बनने से पढ़ाई के लिए शहरों में आने वाले विद्यार्थियों को न केवल आवास मिलेगा, बल्कि पढ़ाई के लिए एक बेहतर वातावरण भी तैयार होगा।
युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया सहयोग का भरोसा
कार्यक्रम में मौजूद पंचायत प्रतिनिधियों और युवाओं ने भी छात्रावास निर्माण में सहयोग करने का भरोसा दिया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा से जुड़ी ऐसी पहल को सफल बनाने में सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी है।
कांग्रेस नेता डॉ. दिलीप कुमार ने भी कहा कि नालंदा में पटेल छात्रावास बनने से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को फायदा मिल सकता है। उन्होंने समाज के लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की।
बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया, अविनाश कुमार, अरुण मयंक, दिनेश सिंह, राहुल कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, बहादुर सिंह, विनीत कुमार, गोपाल प्रसाद, धर्मेंद्र मुखिया, अनुरोध कुमार और प्रदीप मुखिया सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, युवा और पटेल समाज के सदस्य उपस्थित रहे।