बस्तर में आधे एकड़ में गेंदे की खेती कर रहे किसान पुरुषोत्तम पटेल, त्योहारों की मांग से बढ़ी आय की उम्मीद

गेंदे की खेती

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बस्तर, छत्तीसगढ़। पारंपरिक फसलों के साथ फूलों की खेती अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के नए रास्ते तलाश रहे हैं। बस्तर के किसान पुरुषोत्तम पटेल ने करीब आधे एकड़ जमीन में गेंदे के फूल लगाए हैं। उन्हें उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान फूलों की मांग से अच्छी आमदनी होगी।

पुरुषोत्तम पटेल के अनुसार, उन्होंने खेत की दो से तीन बार जुताई करने और रोटावेटर से मिट्टी तैयार करने के बाद बेड पर पौधों की रोपाई की। उनके खेत में बेड से बेड की दूरी करीब चार फीट और पौधे से पौधे की दूरी करीब दो फीट रखी गई है। उनका कहना है कि रोपाई के लगभग एक से डेढ़ महीने बाद फूल आने शुरू हो सकते हैं और अनुकूल परिस्थितियों में फसल से कई महीनों तक तुड़ाई की जा सकती है।

पटेल के मुताबिक, आधे एकड़ में गेंदे की खेती पर लगभग ₹50,000 खर्च हुआ है। उन्हें इस फसल से करीब ₹1.5 लाख की कुल बिक्री की उम्मीद है। यह अनुमान है; वास्तविक आय फूलों की पैदावार, गुणवत्ता और बिक्री मूल्य पर निर्भर करेगी। साझा जानकारी के अनुसार, त्योहारों के दौरान बस्तर के थोक बाजार में गेंदे के फूलों का भाव ₹80 प्रति किलो तक बताया गया है। बाजार भाव समय और स्थान के साथ बदल सकता है।

बारिश के मौसम में खेत में पानी रुकने और फसल में रोग लगने का खतरा भी रहता है। पटेल ने गेंदे के साथ टमाटर और मिर्च की खेती भी की है। उनकी पहल दिखाती है कि स्थानीय मांग को ध्यान में रखकर फूलों की खेती किसानों के लिए आय का एक विकल्प बन सकती है।

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