सूरत। सरोली गांव निवासी अमिष पटेल की मौत के मामले में परिजनों, समर्थकों और समाज के लोगों ने मंगलवार को सूरत शहर में न्याय की मांग को लेकर रैली निकाली। रैली वनिता विश्राम ग्राउंड से शुरू होकर पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों तक पहुंची, जहां प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की।
रैली में शामिल लोगों ने अमिष पटेल को न्याय दिलाने की मांग करते हुए नारे लगाए। परिजनों ने मांग की कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की गंभीरता से जांच की जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
हत्या की धारा जोड़ने की मांग
परिजनों का कहना है कि अमिष पटेल की मौत को केवल सड़क दुर्घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। परिवार ने आरोप लगाया कि घटना से पहले उनका पीछा किया गया और हालात ऐसे बने कि उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
मृतक के भाई नलिन पटेल ने कहा कि परिवार चाहता है कि मामले में हत्या से संबंधित धाराएं जोड़ी जाएं और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिवार ने पुलिस को एक ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है, जिसमें अमिष कथित रूप से हमले और पीछा किए जाने की बात करते सुनाई देते हैं।
सात आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
सूरत ग्रामीण पुलिस ने मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर की रात अमिष पटेल पिंजरात से सरोली लौट रहे थे। दीहेन गांव के पास एक जुलूस के दौरान उनकी कार और एक मोटरसाइकिल के बीच मामूली टक्कर के बाद विवाद हुआ। इसके बाद कुछ लोगों ने कथित रूप से उनकी कार पर हमला किया और उनका पीछा किया। पीछा किए जाने के दौरान अमिष की कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
परिवार ने मांगी निष्पक्ष जांच
परिजनों और समर्थकों ने प्रशासन से मांग की कि CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग, कॉल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए। रैली में अधिवक्ता उदय पटेल, अधिवक्ता मंडल से जुड़े शांति पटेल सहित कई वकील, समाज के प्रतिनिधि और समर्थक मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि उनका उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित कराना है।