वाराणसी। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अरविन्द सिंह पटेल लंबे समय से शिक्षा, शिक्षक हितों और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों से जुड़े रहे हैं। वे पेशे से श्री मालवीय इंटर कॉलेज, शाहंशाहपुर, वाराणसी में प्रवक्ता हैं। उन्होंने गणित, कानून, राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, हिंदी और संस्कृत सहित विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त की है।
दो बार लड़ चुके हैं वाराणसी स्नातक चुनाव
उनका छात्र राजनीति से भी पुराना जुड़ाव रहा है। वे वर्ष 1995-96 में कुलभास्कर पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, इलाहाबाद के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, वाराणसी के जिला महामंत्री और जिला अध्यक्ष जैसे पदों पर भी रहे। अरविन्द सिंह पटेल वर्ष 2020 में वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं उन्हें 7,740 मत मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। इससे पहले वर्ष 2014 में भी उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, जिसमें 6,800 मत प्राप्त कर पांचवां स्थान हासिल किया।
शिक्षक हितों के मुद्दों पर आंदोलन का दावा
पुरानी पेंशन बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को चिकित्सकीय सुविधा और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर जनपद से राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलनों में भागीदारी का उल्लेख है।
अरविन्द सिंह पटेल ने आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी आंदोलन करने का उल्लेख किया है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 13-पॉइंट रोस्टर व्यवस्था के खिलाफ हुए आंदोलन में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ भागीदारी का दावा है।
निजीकरण और किसान आंदोलनों में भी भागीदारी
डीएलडब्ल्यू तथा पूर्वांचल विद्युत वितरण विभाग से जुड़े कर्मचारियों के निजीकरण विरोधी आंदोलनों में उनकी भागीदारी का उल्लेख है। इसके अलावा किसान कानूनों के विरोध में हुए आंदोलनों में भी विभिन्न मंचों के माध्यम से सक्रिय रहने की बात कही गई है।
2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार में रहे सक्रिय
अरविन्द सिंह पटेल 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय के चुनाव प्रचार में भाग लिया था।
शिक्षा, रोजगार और पिछड़े समाज को लेकर रखा अपना दृष्टिकोण
अरविन्द सिंह पटेल ने शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक चेतना और पिछड़े समाज के सशक्तिकरण को अपने सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण मुद्दों के रूप में प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसरों का विस्तार आवश्यक है।
वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उनके पिछले चुनावी अनुभव, शिक्षक संगठनों से जुड़ाव और विभिन्न आंदोलनों में भागीदारी उनके सार्वजनिक जीवन के प्रमुख पहलुओं के रूप में सामने आते हैं। आने वाले समय में स्नातक मतदाता उनके शिक्षा, शिक्षक हित और सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को किस रूप में देखते हैं, यह महत्वपूर्ण रहेगा।